कबीर वाणी
"बुरा जो देखन मैं चला बुरा न मिलिया कोय
जो दिल खोजा आपना मुझसा बुरा न कोय "
- सुविचार - आप सुंदरता की खोज मे सारा जगत घूम लो पर अगर वो हमारे अंदर नहीं है तो वह हमें कही नहीं मिलेगी
जिन खोजा तीन पाइया , गहरे पानी पैठ
मैं बपुरा बुरन डरा , रहा किनारे बैठ
सुविचार - कबीर जी कहते है की ज़िन्दगी मैं कुछ पाने के लिए काम भी करना पड़ता है मुश्किलें तो रहा मैं आती ही रहती है फिर भी उन्हें अपने प्रयत्नो से हरा कर आगे बढ़ना चाहिए जो मेहनत करता है वो कुछ न कुछ पा लेता है जैसे की गोताखोर गहरे पानी मैं जाकर कुछ न कुछ लेकर ही आता है और जो डूबने के डर से किनारे बैठ जाता है उसे कुछ हासिल नहीं होता है
दुःख मैं सुमिरन सब करें , सुख मैं करे न कोय
जो सुख मैं सुमिरन करें ,दुःख काहे को होय
सुविचार - कबीर जी कहते है इंसान मुश्किलों के समय तो भगवान को याद करता है जैसे ही दुखो को पहाड़ टूटता है कहते हे भगवान यह कैसे हो गया पर जब हमारा समय सही चल रहा होता हे अतार्थ सुख की घडी मैं कभी भी अपने प्रभु को याद नहीं करते अगर उस समय याद कर ले तो दुःख हमें सताएगा ही नहीं क्योंकि हमारा प्रभु सदैव हमारीं साथ हे

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