Sunday, 9 April 2017

GEETA KA GYAN

मनुष्य का निर्माण खुद उसके हाथो मे होता है वह अपने ही विश्वास के हाथों निर्मित होता है जैसा वो विश्वास करता है वैसा वो बन जाता है अपनी आँखों पर भी उसी विश्वास का चश्मा लगा लेता है और उसी से वो  सारी दुनिया को देखता है इसलिए तो कहते है सारी दुनिया कैसी मेरी जैसी

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